खनन की यही रफ्तार रही तो दुनिया रेत को भी तरसेगी



खनन की यही रफ्तार रही तो दुनिया रेत को भी तरसेगी

  1. नैरोबी. कहीं खाद्यान्न तो कहीं बिजली संकट से जूझ रही दुनिया को आने वाले समय में रेत के संकट का सामना करना पड़ सकता है। 
  2. यह चेतावनी केन्या में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) शाखा ने जारी की है।
  3. उसके मुताबिक रेत या बालू दुनिया में खनन से सबसे ज्यादा निकाले जाने वाला ठोस पदार्थ है। 
  4. यह पानी के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला भूगर्भ स्रोत भी है। 
  5. रेत बनने में सैकड़ों साल लगते हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा तेजी से इसका भंडार खाली हो रहा है।
  6. रेत के अनियंत्रित इस्तेमाल को लेकर यूएनईपी इकोनॉमी डिवीजन की निदेशक शीला अग्रवाल खान ने रिपोर्ट में कहा, 'हम उस स्टेज पर पहुंच गए हैं, जहां रेत संसाधनों को लेकर जरूरतों और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए बेहतर प्रबंधन की जरूरत है।

पर्यावरण का अहम हिस्सा 

  1. रेत पर्यावरण का अहम हिस्सा है। 
  2. यह कई प्रजातियों के लिए आवास के रूप में कार्य करती है। 
  3. तूफानी लहरों और क्षरण से बचाती है। 
  4. रिपोर्ट में कहा गया कि रेत का अनियंत्रित इस्तेमाल पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील इलाकों के लिए खतरा पैदा करेगा और जैव विविधता पर दबाव डालेगा। 
  5. समुद्री तटों के खनन पर प्रतिबंध की जरूरत है।


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