सूरत-मुंबई 8000 कारखानों की रफ्तार थमी
सूरत-मुंबई : 8000 कारखानों की रफ्तार थमी
डिमांड बढ़ने के बावजूद डायमंड इंडस्ट्री पर संकट
- रूस- यूक्रन युद्ध के कारण अमरीका ने कच्चे हीरे की दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादक रूसी कंपनी अलरोजा पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- इससे पूरी दुनिया को करीब 90% कटिंग और पॉलिश किए हुए हीरे निर्यात करने वाले सूरत की डायमंड इंडस्ट्री में कामकाज थम सा गया है।
- सूरत के साथ मुंबई, जूनागढ़, राजकोट, भावनगर, अमरेली, बनासकांठा, पालनपुर, विसनगर आदि शहरों में भी हीरा कारीगर हाथ पर हाथ धरे बैठ हैं।
- जबकि डायमंड ज्वैलरी की डिमांड दुनियाभर में बढ़ी है। सूरत में करीब 8000 हीरा कारखानों की रफ्तार थम गई है।
...तब तक खत्म नहीं होगी परेशानी
हीरा कारोबारियों का कहना है कि जब तक अमरीका किफायती, पतलं रफ हीरा बेचने वाली रूसी कंपनी अलरोजा से प्रतिबंध नहीं हटाती या या फिर डायमंड उद्योग को रफ हीरों का नया विकल्प नहीं मिल जाता, तब तक परेशानी बनी रहेगी।
इसलिए बड़ा है संकट
सूरत से 90% रफ डायमंड की हैं। यह कुल डायमंड इम्पोर्ट का कटिंग-पॉलिशिंग करके हीरे 30% और प्रति नग के हिसाब निर्यात किए जाते हैं।
इसके से 60% है। किफायती और लिए प्रतिमाह रूस के अलगोजा पतला होने के कारण अलरोजा कंपनी से करीब 2 लाख कैरेट कंपनी के हीरे उपयुक्त माने रफ डायमंड इम्पोर्ट किए जाते हैं।
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