दस साल में बदल जायेगा जॉब सेक्टर का ढांचा

कम वेतन की नौकरियाँ होंगी बंद, नये सेक्टर करेंगे दुनिया बुलंद 

आने वाले एक दशक में देश और दुनिया के भीतर जॉब सेक्टर पूरी तरह से बदल जाएगा। जिन सेक्टर में अभी नौकरियां दिखाई दे रही हैं, वहां पर आने वाले दिनों में तेजी से कमी दिखेगी। 

उनकी जगह लेने के लिए नए सेक्टर उभरेंगे, जो नौकरियां देंगे। कम वेतन वाली नौकरियों का समय जा रहा है, इनकी जगह आने वाले वक्त में ऑटोमेशन ले सकता है। 

इस ऑटोमेशन को चलाने के लिए नए सेक्टर शुरू हो सकते हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लेकर यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिक्स समेत दूसरे संस्थान भी ऐसी संभावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट 2020 के अनुसार, वैश्विक रूप से जिन नौकरियों में एक दशक में कमी आएगी उनमें डेटा एंट्री क्लर्क, एडमिनिस्ट्रेटिव एवं एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी, क्लर्क, अकाउंटेंट एवं ऑडिटर, कारखानों में श्रमिक, प्रशासकीय प्रबंधक, मैकेनिक, पोस्टल सर्विस क्लर्क, रिलेशनशिप मैनेजर, कस्टमर एक सर्विस वर्कर, डोर टू डोर सेल्स वर्कर, ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट, निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिक आदि शामिल है।

इन सेक्टर में बढ़ेगी मांग लिंक्डइन की जॉब ऑन द राइज  रिपोर्ट के अनुसार, जिन जॉब्स की डिमांड बढ़ रही है उनमें एफिलिएट मार्केटिंग, साइट रिलायबिलिटी इंजीनियर, मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट, वेलनेस स्पेशलिस्ट, यूजर्स एक्सपीरियंस रिसर्चर, मशीन लर्निंग इंजीनियर, रिकूटमेंट एसोसिएट, डेटा साइंस स्पेशलिस्ट, चीफ लीगल ऑफिसर, ई-बिजनेस मैनेजर, बैक एंड डेवलपर, मीडिया बायर्स, स्ट्रेटजी एसोसिएट, बिजनेस डेवलपमेंट रिप्रेजेंटेटिव, सर्विस एनालिस्ट शामिल हैं।


Comments

Popular posts from this blog

चित्रकूट से दिल्ली का सफर होगा 6 घंटे में!

केंद्रीय विद्यालय संगठन पहली से बारहवीं में दाखिले की नई गाइडलाइन जारी

खनन की यही रफ्तार रही तो दुनिया रेत को भी तरसेगी