रेलवे, पोर्ट व गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों के लिए भी इनविट लाने की तैयारी
एसेट मोनेटाइजेशन वित्त मंत्रालय बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों को इनविट लाने के लिए कह रहा, बड़े निवेशकों से फंड जुटाने का है योजना
रेलवे, पोर्ट व गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों के लिए भी इनविट लाने की तैयारी
- एनएचएआई और पावरग्रिड के इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) की सफलता के बाद केंद्र सरकार 6 लाख करोड़ रुपए की नेशनल एसेट मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत रेलवे, शिपिंग और गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों के लिए भी इनविट लाने की तैयारी कर रही है।
- वित्त मंत्रालय ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विभागों को इनविट लाने के लिए कहा है। रेलवे और जहाजरानी मंत्रालयों के साथ गेल लिमिटेड में इनविट के परीक्षण हो रहे हैं।
छोटे निवेशक भी कर सकेंगे इनमें निवेश
- सेबी ने इनविट में निवेश की न्यूनतम सीमा को 1 लाख रुपए से घटाकर 15,000 कर दिया। इससे छोटे निवेशक भी इनविट में निवेश कर सकते हैं।
- इनविट म्यूचुअल फंड की तरह ही सामूहिक निवेश योजना है। इसमें निवेशक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सीधे निवेश कर सकते हैं।
- निवेशकों को परियोजना में हिस्सेदारी नहीं मिलती है, बल्कि परियोजना से होने वाली आय में हिस्सा मिलता है।
धन जुटाने का आकर्षक रास्ता
- वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, सड़क और बिजली के बाद अगला कदम यह देखना है कि अन्य क्षेत्रों में किन सरकारी परिसपत्तियों का - इनविट के जरिये मुद्रीकरण किया जा सकता है।
- यह बड़े संस्थागत निवेशकों से धन जुटाने का आकर्षक रास्ता है।
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